बेवफा लड़की की कहानी मेरे दोस्त और मेरी गर्लफ्रेंड की है. मेरी गर्लफ्रेंड मेरे साथ वक्त बिताने मेरे कमरे में आई. मेरा रूममेट भी तब वहीं था. मैं बाजार कुछ सामान लाने चला गया. ये बात कुछ दिन पहले की है, जब मेरी गर्लफ्रेंड मेरे यहां आई हुई थी. वैसे तो हमारा टू बीएचके फ्लैट है, जिसमें एक रूम में मैं रहता हूँ और एक में मेरा फ्लैटमेट अनुराग रहता है. अब मैं अपने बारे में बताता हूँ. मेरा नाम ऋषभ है, मेरी उम्र 22 साल है. मैं छत्तीसगढ़ के एक गाँव का रहने वाला हूँ जो अभी ग्रेजुएशन पूरा करने रायपुर में रहता हूँ. मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है, रंग गोरा है. मैं थोड़ा पतला-दुबला सा लड़का हूँ, पर मेरा लंड 7 इंच लंबा और खीरे की तरह मोटा है. इसे देखकर लगता है जैसे किसी दूसरे के शरीर से निकाल कर मेरे में लगा दिया गया हो.
ये एकदम सच्ची सेक्स बेवफा लड़की की कहानी है. जैसा कि मैंने बताया, मेरी गर्लफ्रेंड मानवी मेरे फ्लैट में आई हुई थी. मानवी के बारे में बताऊं, तो वह 21 साल की है. उसका रंग दूध की तरह सफेद है, कद 5 फीट 2 इंच है. उसका साइज़ 34-30-36 का है, जिसमें वह हर कपड़े में कमाल लगती है. उस दिन जब वह मुझसे मिलने आई, तो ब्लैक जींस और रेड टॉप में थी. उसके बूब्स देखकर मेरा उसे चोदने का बहुत मन हो गया था. शायद वह भी इसी लिए ही आई थी. उसने मुझसे कहा- आज हम चिकन खाएंगे!
तो मैं बाज़ार निकल गया.
बाज़ार में भीड़ थी क्योंकि संडे का दिन था. इसलिए मुझे थोड़ा समय लग गया. पर मैं खुश था कि आज तो जमकर चुदाई करूँगा! तभी मुझे मेरे फ्लैटमेट का कॉल आया. उसने कहा- मुझे कुछ सामान चाहिए, आते समय लेते आना! मैं बाज़ार में ही था, तो उसके सामान लेने में ज्यादा समय नहीं लगा. मैं करीब 30-35 मिनट बाद घर पहुंचा. मैंने देखा कि गेट पर लॉक लगा था. मैंने सोचा कि चुपके से कूदकर अन्दर चला जाता हूँ, मानवी को सरप्राइज़ दूँगा. पर जैसे ही मैं अपने कमरे के गेट तक पहुंचने वाला था, मुझे लड़की की चीख की आवाज़ें सुनाई पड़ीं, जो बहुत ज़ोर से आ रही थीं. जी हां, ये मानवी की ही आवाज़ थी!
मुझे अपनी कानों पर भरोसा ही नहीं हो रहा था. मैं और मानवी दसवीं कक्षा से साथ थे और आज उसे कोई कैसे एक दिन में पटा कर चोद रहा था? ये था मेरा फ्लैटमेट अनुराग, जो 25 साल का है, रंग गोरा और कद 6 फीट 2 इंच के करीब. उसकी बॉडी मेरे से अच्छी है, क्योंकि वह जिम जाता है. वैसे तो अनुराग की भी गर्लफ्रेंड है, पर मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसने ऐसा क्यों किया. एक तरफ मेरी जान जा रही थी, मानवी की सिसकियां सुनकर. वह ‘आह आह’ की आवाज़ें निकाल रही थी, जो उसने मेरे साथ कभी नहीं निकाली थीं. उसकी आवाज़ से मेरा लंड भी खड़ा हो गया था.
मैंने खिड़की के पास जाकर देखा, तो वह मादरचोद अनुराग मेरी गर्लफ्रेंड को पीठ के बल लेटाकर, उसके पैर अपने कंधों पर रखकर इतनी तेज़ी से चोद रहा था, मानो कोई कॉम्पिटिशन चल रहा हो. मानवी पूरी तरह नंगी पड़ी थी. उसकी आंखों में आंसू थे पर चेहरे पर खुशी भी थी. क्योंकि शायद उसकी चूत इतनी देर कभी नहीं चोदी गई थी. फिर उन्होंने पोजीशन बदली. मानवी उसका लंड चूसने लगी, जैसे वह अनुराग ही उसका बॉयफ्रेंड हो! अनुराग का काला लंड मेरे से भी मोटा और लंबा था, लगभग 8 इंच से थोड़ा कम. इसलिए मानवी भी जमकर मज़े ले रही थी. उसके चेहरे पर जरा भी अफसोस नहीं दिख रहा था कि अपने बॉयफ्रेंड को धोखा दे रही थी!
अब वह अनुराग को लिटा कर उसके लंड पर बैठने वाली थी, काऊ गर्ल पोजीशन में. मैंने उसे इतना एक्साइटेड कभी नहीं देखा था सेक्स के लिए. अक्सर जब मैं कहता, तब ही हम सेक्स करते. वह कभी खुद से नहीं कहती थी. और आज इसके अलग ही रूप देखने को मिल रहा था. फिर से ‘आह उह’ की आवाज़ जिसे सुनने मैं कब से तड़पता था. आज मुझे किसी दूसरे के कारण सुनने को मिल रही थीं. आज तो मानवी पूरी रंडी ही बन गई थी. अब मुझसे बेवफा लड़की को देखा नहीं जा रहा. मैं गेट से बाहर जाकर अनुराग को कॉल किया कि गेट लॉक है. उसने 2 मिनट में आकर गेट खोला और कहा कि वह सो गया था, इसलिए लेट हुआ.
जब मैं अन्दर आया, तो मानवी बाथरूम में थी. थोड़ी देर में बाहर आई, तो बताया कि पेट खराब हो गया है. पर मैं तो अब देख चुका था इन दोनों की चुदाई. बस मुझे ये पता करना था कि ये शुरू किसने की मेरे पीठ पीछे. इसलिए मैंने कुछ नहीं कहा. अब रात में जब हम चिकन खाकर सोने आए मैंने जानबूझकर मानवी के बूब्स को छेड़ने लगा. आज वह मुझसे दूर भाग रही थी.
उसका मन कहीं और जो लग गया था.
उसने कहा कि उसके पीरियड के डेट आने वाले हैं, तो वह सेक्स नहीं कर पाएगी. पर मुझे तो बात पता थी कि इतनी भयंकर चुदाई के बाद ये वैसे भी कहां कुछ करने वाली थी. फिर मैं लंड पकड़ कर सो गया. अचानक मेरी नींद खुली, देखा बगल में तो मानवी नहीं थी. मैं तुरंत समझ गया कि फिर से अब उस भड़वे से चुदने चली गई होगी! मैं खिड़की में झांकने गया, तो देखा दोनों नंगे बिस्तर पर सोए थे. वे दोनों शायद चुदाई कर चुके थे. मानवी उसे बता रही थी- अनुराग आज तुमने जितनी अच्छी मेरी चुदाई की है, उतना तो मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने कभी नहीं की! अनुराग भी उसकी बात सुनकर अपने आप में खुश हो रहा था. उसे तो फ्री में चोदने को माल मिल गई थी. उसने फिर मानवी के होंठ चूमना शुरू कर दिए. मानवी भी उसका साथ दे रही थी. वह एक हाथ से उसके मम्मे मसल रहा था और एक हाथ से उसका गला दबाकर उसे अपनी रंडी बनाकर चूम रहा था. अब अनुराग ने उससे अपना लंड चूसने को कह दिया. वह बिस्तर में ही बैठकर उसके लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी थी.
अब उसके गले तक लंड जाने लगा था. ‘ग्वाक ग्वाक’ की आवाज़ आ रही थी. मेरा लंड भी मानवी को देखकर टाइट हो चुका था.
पर ये ब्लोजॉब अब मेरी किस्मत में नहीं था. अनुराग ने उसे पलंग से उठाकर बांहों में भर लिया और चूमने लगा. उसे देखकर लग रहा था मानो दोनों सालों बाद मिलकर चुदाई कर रहे हों. अनुराग ने मानवी को अपनी गोदी में लेकर ही उठा-उठाकर चोदना शुरू कर दिया. बेवफा लड़की मानवी भी उछल-उछलकर मज़े ले रही थी. अब मैं भी अपना लंड एक हाथ से मसल रहा था और अब मैंने भी इनका ये खेल रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया था. थोड़ी देर बाद मैंने जो मानवी के मुँह से सुना, मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ.
उसने कहा कि उसे पूरा माल मुँह में चाहिए! और उसने सच में अनुराग का पूरा वीर्य उसके लंड से पी लिया, एक-एक बूँद चाट गई.
उसे देखकर मैंने मन में सोचा कि साली कमीनी पूरी रंडी ही बन चुकी है! अब मैं जल्दी से अपने रूम में चला गया क्योंकि इनका काम खत्म हो चुका था. अब सोने तो मेरे पास ही आने वाली थी, रंडी कहीं की. दस मिनट बाद मानवी आई और चुपचाप मेरे बगल में सो गई.